विदेशी निवेशकों की वापसी से पहले खरीदारी करें: Nippon MF के CIO ने निवेशकों से वैल्युएशन रीसेट का लाभ उठाने का आग्रह किया
Source: Economictimes
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- दो साल के कंसोलिडेशन के बाद मार्केट वैल्युएशन रीसेट हो गया है, जिससे क्वालिटी शेयर अधिक किफायती हो गए हैं।
- अगले 12 महीनों को शीर्ष स्तर की कंपनियों में शेयर संचित करने के लिए एक प्रमुख अवसर माना जा रहा है।
- रिटेल निवेशकों को विदेशी संस्थागत पूंजी लौटने और कीमतें बढ़ने से पहले पोर्टफोलियो बनाने का लक्ष्य रखना चाहिए।
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Explore investmentsNippon India Mutual Fund के शैलेश राज भान का सुझाव है कि मौजूदा मार्केट कंसोलिडेशन (बाजार का एक दायरे में रहना) गुणवत्तापूर्ण शेयरों को उचित कीमतों पर खरीदने का एक दुर्लभ अवसर प्रदान करता है। निवेशकों को सलाह दी गई है कि वे विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) द्वारा कीमतों को ऊपर ले जाने का इंतजार करने के बजाय अभी अपनी पोजीशन बनाएं।
- ▸दो साल के कंसोलिडेशन के बाद मार्केट वैल्युएशन रीसेट हो गया है, जिससे क्वालिटी शेयर अधिक किफायती हो गए हैं।
- ▸अगले 12 महीनों को शीर्ष स्तर की कंपनियों में शेयर संचित करने के लिए एक प्रमुख अवसर माना जा रहा है।
- ▸रिटेल निवेशकों को विदेशी संस्थागत पूंजी लौटने और कीमतें बढ़ने से पहले पोर्टफोलियो बनाने का लक्ष्य रखना चाहिए।
- ▸सट्टा प्रवृत्तियों का पीछा करने के बजाय मजबूत बुनियादी सिद्धांतों (fundamentals) वाले व्यवसायों पर ध्यान केंद्रित करें।
- ✓दो साल के कंसोलिडेशन के बाद मार्केट वैल्युएशन रीसेट हो गया है, जिससे क्वालिटी शेयर अधिक किफायती हो गए हैं।
- ✓अगले 12 महीनों को शीर्ष स्तर की कंपनियों में शेयर संचित करने के लिए एक प्रमुख अवसर माना जा रहा है।
- ✓रिटेल निवेशकों को विदेशी संस्थागत पूंजी लौटने और कीमतें बढ़ने से पहले पोर्टफोलियो बनाने का लक्ष्य रखना चाहिए।
- ✓सट्टा प्रवृत्तियों का पीछा करने के बजाय मजबूत बुनियादी सिद्धांतों (fundamentals) वाले व्यवसायों पर ध्यान केंद्रित करें।
भारतीय रिटेल निवेशक वर्तमान में इक्विटी बाजारों में एक अनूठे चौराहे पर खड़े हैं। लगभग दो वर्षों के प्राइस कंसोलिडेशन के बाद, कई उच्च-गुणवत्ता वाले व्यवसायों का वैल्युएशन (मूल्यांकन) आखिरकार अधिक तर्कसंगत दायरे में आ गया है। Nippon India Mutual Fund में इक्विटी के CIO, शैलेश राज भान के अनुसार, यह "वैल्युएशन रीसेट" एक ऐसा अवसर है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
अवसर की खिड़की
पिछले कई तिमाहियों से, भारतीय बाजार एक सीमित दायरे (sideways) में रहा है, जिससे कॉर्पोरेट आय (earnings) को शेयर की कीमतों के बराबर आने का मौका मिला है। कंसोलिडेशन की इस अवधि ने प्रभावी रूप से कई क्षेत्रों से 'फ्रॉथ' (अत्यधिक ओवरवैल्युएशन) को हटा दिया है। भान का सुझाव है कि अगले 12 महीने लंबी अवधि के धन सृजन के लिए उचित कीमतों पर विश्व स्तरीय व्यवसायों को संचित (accumulate) करने की एक महत्वपूर्ण अवधि होगी।
घरेलू निवेशकों के लिए मुख्य संदेश सरल है: विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) के नेतृत्व करने का इंतजार न करें। ऐतिहासिक रूप से, जब विदेशी पूंजी महत्वपूर्ण रूप से भारत में वापस आती है, तो यह शेयर की कीमतों को तेजी से ऊपर धकेलती है, जिससे अक्सर रिटेल निवेशक ऊंची कीमतों पर रैली का पीछा करते रह जाते हैं।
रणनीति अभी क्यों महत्वपूर्ण है
तुलनात्मक शांति के इस चरण के दौरान पोर्टफोलियो बनाकर, निवेशक वैश्विक पूंजी की अंतिम वापसी से लाभ उठाने के लिए खुद को तैयार कर सकते हैं। भान ने "विश्व स्तरीय व्यवसायों" पर ध्यान केंद्रित करने पर जोर दिया—ऐसी कंपनियां जिनके पास मजबूत बैलेंस शीट, बाजार में नेतृत्व की स्थिति और वैश्विक प्रतिकूलताओं के बावजूद बढ़ने की क्षमता है।
- तर्कसंगत वैल्युएशन: शेयर अब उतने महंगे नहीं हैं जितने वे महामारी के बाद के पीक के दौरान थे।
- गुणवत्ता पर ध्यान: सट्टा आधारित स्मॉल-कैप शेयरों के बजाय मार्केट लीडर्स पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए।
- पूर्व-नियोजित कार्रवाई: FIIs की वापसी से पहले खरीदारी करना अधिग्रहण की कम लागत सुनिश्चित करता है।
हालांकि व्यापक बाजार धारणा सतर्क लग सकती है, लेकिन अनुभवी फंड मैनेजर इसे एक स्वस्थ सुधार (healthy correction) के रूप में देखते हैं। अनुशासित रिटेल निवेशक के लिए, भारतीय इक्विटी पर मौजूदा "डिस्काउंट" बुल मार्केट का अगला चरण शुरू होने से पहले एक रणनीतिक प्रवेश बिंदु (entry point) के रूप में कार्य करता है।
प्रतिभूति बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले सभी संबंधित दस्तावेजों को ध्यान से पढ़ें। यह सामग्री केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और वित्तीय सलाह नहीं है।
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Mutual fund data is sourced from AMFI and shown for information only — funds are subject to market risks. Read all scheme-related documents carefully. Some listings may be sponsored. Not investment advice.
Frequently Asked Questions
यदि बाजार सीमित दायरे (sideways) में है, तो अभी खरीदारी का अच्छा समय क्यों है?
साइडवेज मूवमेंट कंपनी की आय को बढ़ने देता है जबकि शेयर की कीमतें स्थिर रहती हैं, जिससे शेयर वैल्युएशन के मामले में 'सस्ते' हो जाते हैं और एक सुरक्षित एंट्री पॉइंट प्रदान करते हैं।
क्या मुझे निवेश करने से पहले FIIs द्वारा खरीदारी शुरू करने का इंतजार करना चाहिए?
नहीं; लक्ष्य तब खरीदारी करना है जब कीमतें कम हों। एक बार जब FIIs थोक में खरीदारी शुरू कर देते हैं, तो शेयर की कीमतें आमतौर पर तेजी से बढ़ती हैं, जिससे आपके लिए प्रवेश करना अधिक महंगा हो जाता है।
इस रीसेट के दौरान मुझे किस तरह की कंपनियों की तलाश करनी चाहिए?
सिफारिश 'विश्व स्तरीय व्यवसायों' पर ध्यान केंद्रित करने की है—वे जिनकी बाजार में हिस्सेदारी प्रमुख है, लगातार लाभ कमाते हैं, और जिनकी कीमतें तर्कसंगत हैं।
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