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अमेरिकी बाजार मिश्रित: एआई खर्च की चिंताओं के कारण नैस्डैक गिरा, तकनीकी आय से पहले डाउ जोन्स में बढ़त
अमेरिकी शेयर बाजार मिश्रित रुख के साथ बंद हुए, जिसमें भारी एआई खर्च, विशेष रूप से चिप शेयरों में, को लेकर निवेशकों की चिंताओं के कारण तकनीकी-प्रधान नैस्डैक में गिरावट आई। हालांकि, डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में तेजी देखी गई, जबकि एस एंड पी 500 लगभग सपाट रहा, क्योंकि गिरती तेल कीमतों ने बाजार को कुछ समर्थन दिया।
अमेरिकी वायदा मजबूत तिमाही के समापन पर तेजी दिखाते हुए, भारतीय बाजार वैश्विक संकेतों पर नजर रखता है
एक मजबूत वित्तीय तिमाही के समापन पर अमेरिकी शेयर वायदा में मामूली तेजी देखी गई। भारतीय निवेशक इस घटनाक्रम पर करीब से नजर रख रहे हैं, क्योंकि वैश्विक बाजारों के रुझान अक्सर घरेलू धारणा और निवेश निर्णयों के लिए माहौल तय करते हैं।
गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट डॉव जोन्स में शामिल हुई, वैश्विक तकनीकी प्रभुत्व का संकेत
गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट आधिकारिक तौर पर प्रतिष्ठित डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में शामिल हो गई है, जिसने दूरसंचार दिग्गज वेरिजोन कम्युनिकेशंस की जगह ली है। यह महत्वपूर्ण कदम प्रमुख वैश्विक स्टॉक सूचकांकों में प्रौद्योगिकी फर्मों के बढ़ते प्रभाव को रेखांकित करता है, जो आर्थिक नेतृत्व में नवाचार-संचालित कंपनियों की ओर एक व्यापक बदलाव को दर्शाता है।
अमेरिकी बाजारों में मिला-जुला रुख: फेड बैठक से पहले टेक शेयरों में गिरावट, जबकि डॉओ जोंस रिकॉर्ड ऊंचाई पर
मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में विभाजित प्रदर्शन देखा गया क्योंकि निवेशकों ने टेक्नोलॉजी शेयरों से हटकर बैंकिंग और औद्योगिक क्षेत्रों का रुख किया। जहां डॉओ जोंस (Dow Jones) ने एक नया सर्वकालिक उच्च स्तर (All-time high) छुआ, वहीं नैस्डैक (Nasdaq) और S&P 500 फेडरल रिजर्व के ब्याज दर पर आने वाले महत्वपूर्ण फैसले से पहले दबाव में रहे।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के साथ अमेरिकी बाजारों ने रिकॉर्ड ऊंचाई को छुआ; भारतीय शेयरों के लिए सकारात्मक संकेत
ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतें $80 प्रति बैरल से नीचे आने के कारण डाउ जोन्स (Dow Jones) ने एक नया शिखर छुआ। ऊर्जा लागत में यह कमी, अमेरिकी बाजार के मजबूत प्रदर्शन के साथ मिलकर, भारतीय शेयर बाजार और घरेलू मुद्रास्फीति नियंत्रण के लिए अनुकूल दृष्टिकोण प्रदान करती है।
अमेरिका-ईरान समझौते के बाद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से अमेरिकी बाजारों ने बनाया रिकॉर्ड हाई
अमेरिका और ईरान के बीच प्रारंभिक समझौते के बाद वैश्विक तेल कीमतों में भारी गिरावट के चलते डाओ जोंस (Dow Jones) अपने ऐतिहासिक शिखर पर पहुंच गया। इस घटनाक्रम ने मुद्रास्फीति (महंगाई) की चिंताओं को कम किया है, जिससे भारत सहित वैश्विक बाजारों के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण बना है।
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